अपडेट / एमपीपीएससी का सिलेबस अपडेट जारी, जीके की तैयारी कर सकेंगे 4 हिस्सों में, जवाब देने की शब्द सीमा घटाई

एजुकेशन डेस्क. मप्र पब्लिक सर्विस कमीशन (एमपीपीएससी) ने सिलेबस अपडेट जारी किया है। एक्सपर्ट और पिछले साल के टॉपर का कहना है- 2014 में एमपीपीएससी का जो पैटर्न तय किया गया था, नया सिलेबस उसकी कमियों को दूर करने वाला है। 


पहला बदलाव- जनरल नॉलेज के चार पेपर्स में अभी तक किस पेपर में जीके का कौन सा हिस्सा पूछा जाना है, यह तय नहीं था। अब हर पेपर में दो-दो विषय पूछना तय कर दिया गया है। 
दूसरा बदलाव- उत्तर देने की शब्द सीमा घटाई गई है। अब तक तीन घंटे की परीक्षा में अमूमन 4500 शब्द लिखने पड़ते थे, अब 3300 शब्दों में जवाब देने होंगे। यह बदला हुआ सिलेबस जुलाई में आयोजित होने वाली परीक्षा में अप्लाई होगा।


जीके के चार पेपरों में क्या-क्या आएगा





















पेपर-1इतिहास और जिओग्राफी के सवाल पूछे जाएंगे। वर्ल्ड हिस्ट्री का हिस्सा इस पेपर से हटा दिया गया है।
पेपर-2अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र और समाज शास्त्र के सवाल पूछे जाएंगे। पहले संविधान और अधिनियम के सवाल होते थे, जो इसमें नहीं आएंगे।
पेपर-3साइंस एंड टेक्नोलाॅजी के बेसिक सवाल पूछे जाएंगे। पहले डिजास्टर मैनेजमेंट, क्लाइमेट चेंज जैसे विषयों पर सवाल होते थे, जो अमूमन
सिलेबस बुक्स में नहीं होते। आईएएस की तैयारी वाले छात्र ही इस पेपर को हल कर पाते थे या जिनकी पढ़ाई इंग्लिश मीडियम से हुई हो।
पेपर-4दर्शन शास्त्र, मनोविज्ञान और लोक प्रशासन के सवाल पूछे जाएंगे। पहले एथिक्स से जुड़े सवाल अधिक होते थे। 

मप्र का हिस्सा बढ़ाया, तैयारी आसान
सिविल सर्विसेज क्लब के फाउंडर मेंबर लक्ष्मी शरण मिश्रा कहते हैं कि एमपीपीएससी का पूरा ध्यान अब मप्र से जुड़े सवालों पर है। जीके के सवालों में भी मप्र की अर्थव्यवस्था, कृषि, उद्योग, राजनीति से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। नया पैटर्न ऐसा है कि कॉलेज के युवाओं को अधिकतर कंटेंट उनके सिलेबस और लाइब्रेरी की किताबों में ही मिल जाएगा। वह हिस्सा हटा दिया गया है, जिसके लिए युवाओं को कोचिंग लेनी पड़ती थी।


नया सिलेबस कहता है, सब पढ़ें, बराबर पढ़ें
एमपीपीएससी में दूसरी रैंक पाने वाली रचना शर्मा सिलेबस में कोई बदलाव नहीं है, सिर्फ पेपर्स को व्यवस्थित कर दिया गया है। ऐसे में स्टूडेंट्स के लिए तैयारी करना आसान रहेगा। सिलेबस को अच्छे से ध्यान में रखकर तैयारी करें, तो मुझे लगता है कि स्कोर करना आसान होगा। सिर्फ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर 300 अंकों का पेपर होना बड़ी बात है। इस सेक्शन पर खास ध्यान दें।